White Lotus in blossom…

रिश्ता-ए-निहाँ

Posted in Methinks, Urdu poetry by ytelotus on May 22, 2013

क्यों बदलती है तबीयत मौसम के बदलने से
जैसे भीगा हुआ एह्सास ओस के गिरने से
खिल उठता है दिल फूलों के खिलने से
उकसा जाती हूँ दरिया के समँदर से मिलने से
क्यों … ?

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